भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित मछली परिवार केस में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य Priyank Kanoongo ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और जांच को लेकर असंतोष जाहिर किया है, जिससे पूरे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।
उन्होंने साफ कहा कि शारिक मछली और उसके परिवार पर हुई कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं और पुलिस की जांच में कई खामियां नजर आ रही हैं, उनका आरोप है कि जांच के दौरान तथ्य छिपाए गए और सही तरीके से पड़ताल नहीं की गई।
प्रियंक कानूनगो ने यह भी कहा कि यदि जांच में लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि मामले की जांच अब और गहराई से हो सकती है।
इस केस में ड्रग्स, शोषण, ब्लैकमेलिंग और जमीन कब्जे जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं, वहीं आरोपी यासीन मछली के खिलाफ शहर के कई थानों में अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज हैं और पुलिस ने उसे और उसके चाचा शाहवर को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार भी किया था।
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो मिलने और लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें ड्रग्स की लत लगाने, फिर ब्लैकमेल और शोषण करने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं, जिससे यह मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

