भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर सियासत तेज हो गई है, जहां नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार साफ करे कि UCC सर्वसम्मति से लागू किया जाएगा या इसे जबरन थोपा जाएगा, साथ ही यह भी पूछा कि क्या दलित और आदिवासी समुदाय इस कानून के दायरे में होंगे या नहीं, क्योंकि अब तक इस पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई है।
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार कमेटी बनाकर फैसला करना चाहती है, जबकि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर प्रदेश की जनता से सीधी राय ली जानी चाहिए, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कुछ लोगों की कमेटी तय करेगी कि कौन इस कानून में शामिल होगा और कौन नहीं।
इसी दौरान उन्होंने असलम चमड़ा मामले को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि असलम हो या सौरभ शर्मा, ऐसे मामलों में सत्ता पक्ष का संरक्षण नजर आता है और इनके संबंध सिस्टम के अंदर तक जुड़े हुए हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है और सिर्फ लोगों को गुमराह कर रही है, उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार मामला कोर्ट में क्यों जा रहा है और सरकार खुद कोई ठोस निर्णय क्यों नहीं ले रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल OBC वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है और जमीनी स्तर पर उनके अधिकारों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, ऐसे में यह पूरा मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है।

