उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में समाजवादी शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष बैजनाथ यादव ने सपा के राष्ट्रीय सचिव Shivpal Singh Yadav से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद सियासी हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
बैजनाथ यादव ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों के साथ लगातार उपेक्षा का व्यवहार किया जा रहा है, खासकर वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय न मिलने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिस पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
उन्होंने परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए अनिवार्य की गई टीईटी परीक्षा का भी विरोध जताया और कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को इस उम्र में दोबारा परीक्षा के लिए बाध्य करना न केवल अनुचित है बल्कि इससे उनके भविष्य को लेकर असुरक्षा भी बढ़ रही है।
शिक्षक नेता ने साफ कहा कि यदि परीक्षा में असफलता होती है तो नौकरी जाने का खतरा बना रहता है, जिससे शिक्षकों में चिंता का माहौल है और इस मुद्दे को लेकर उन्होंने विस्तार से अपनी बात रखी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवपाल सिंह यादव ने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी शिक्षकों के अधिकारों की इस लड़ाई को मजबूती से उठाएगी और उनके हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
साथ ही शिक्षक संगठन की ओर से चेतावनी भी दी गई है कि यदि सरकार जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो शिक्षक एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।

