लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार जैसे कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने का प्रयास किया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर जनता को किसी भी प्रकार की राहत महसूस नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का असर आम लोगों तक दिखाई नहीं दे रहा है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकली एनकाउंटर चर्चा का विषय बने हुए हैं और इस पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है और आम लोगों को बेहतर इलाज के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की पवित्रता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान और आरक्षण व्यवस्था को लेकर जनता के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा हुई हैं, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बढ़ती फीस को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
अखिलेश यादव ने कहा कि आम नागरिकों को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और विचारों को मजबूती से रखना चाहिए।
सपा प्रमुख ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने वाली है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस पर भाजपा की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन सकती है।

