भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में जहां एक ओर कई बड़े विकासात्मक फैसलों को मंजूरी दी गई, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी की जीत का जश्न भी खास अंदाज में मनाया गया, बैठक के बाद मंत्रियों ने झालमुड़ी खाकर खुशी जाहिर की जिसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया गया।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चेतन्य कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि 9 से 13 जून तक इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, इस सम्मेलन में कृषि क्षेत्र के उन्नयन, बेहतर बीज और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर चर्चा की जाएगी, साथ ही श्रमिकों के लिए श्रम स्टार रेटिंग जैसी नई पहल भी शुरू की जा रही है।
बैठक में किसानों को लेकर भी अहम अपडेट सामने आया, प्रदेश में गेहूं उपार्जन का काम तेजी से जारी है, अब तक करीब 40 प्रतिशत किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है, 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है और इसके बदले 6520 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है, करीब 14 लाख 70 हजार किसानों ने इसके लिए पंजीयन कराया है।
कैबिनेट ने बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को भी हरी झंडी दी है, करीब 38 हजार 555 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, वहीं दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए 2442 करोड़ रुपये के प्रावधान को भी स्वीकृति दी गई है, इसके अलावा राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तर्ज पर मध्यप्रदेश में अपना व्यापार कल्याण बोर्ड बनाया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री करेंगे और इसमें विभिन्न विभागों के साथ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल होंगे।
इसके साथ ही भोपाल के पास इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर विकसित करने के लिए 1295 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, वहीं खरगोन के जलूद क्षेत्र में इंदौर नगर निगम के लिए सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है, कुल मिलाकर यह कैबिनेट बैठक जहां जश्न और उत्साह से भरी रही, वहीं प्रदेश के विकास के लिए कई बड़े फैसलों की गवाही भी बन गई।

