लखनऊ. महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है और उनके रुख को दोहरा चरित्र बताया है।
केशव मौर्य ने कहा कि एक तरफ अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर लोकसभा में पेश हुए नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के समय वे इसके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बने थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर यह विधेयक पास हो जाता तो 2029 तक महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिल सकता था, लेकिन इसे रोकने के लिए परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दों का सहारा लिया गया।
केशव मौर्य ने आगे कहा कि हालिया चुनावी नतीजों, खासकर पश्चिम बंगाल में बदले राजनीतिक माहौल के बाद अखिलेश यादव अब महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं, जिसे उन्होंने ‘मातृशक्ति को गुमराह करने की कोशिश’ बताया।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के इतिहास पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की सोच शुरू से ही महिला विरोधी रही है और अब भी इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है, जिससे साफ है कि यह मुद्दा महिला सशक्तिकरण से ज्यादा सियासी रणनीति का हिस्सा बन गया है।

