जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर से बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है, जहां महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मनीष व्यास को उनके पद से हटा दिया है। मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल से रविवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया।
जानकारी के मुताबिक मनीष व्यास के खिलाफ समिति की सदस्य मेघा पवार ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अध्यक्ष का व्यवहार महिला सदस्यों के प्रति असंयमित और पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए थे।
जांच की जिम्मेदारी अनुविभागीय दण्डाधिकारी रांझी, जबलपुर को सौंपी गई थी। जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि मनीष व्यास का व्यवहार समिति की महिला सदस्यों के प्रति अनुचित और असंतुलित था। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
अपने जवाब में मनीष व्यास ने पूरे विवाद को प्रशासनिक मतभेद बताया, लेकिन विभाग ने जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और सुनवाई के आधार पर यह माना कि उनका आचरण बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पद की गरिमा और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं था। इसी आधार पर सरकार ने उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया।
बता दें कि राज्य शासन ने मनीष व्यास को 24 अक्टूबर 2024 को किशोर न्याय अधिनियम के तहत बाल कल्याण समिति जबलपुर का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अब इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है और पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल बनी हुई है।

