बच्चों की सेहत से खिलवाड़ का बड़ा खुलासा! इंदौर में आइस लॉली में मिलाया जा रहा था सैकरीन, प्रशासन की छापेमार कार्रवाई में 300 लीटर माल जब्त

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से बच्चों की सेहत से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राजाराम नगर स्थित “डायमंड पेप्सी” नाम की आइस लॉली निर्माण इकाई पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान अधिकारियों ने करीब 300 लीटर आइस लॉली जब्त कर निर्माण कार्य तत्काल बंद करा दिया। बताया जा रहा है कि यहां बनने वाली आइस लॉली में ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो बच्चों की सेहत के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते।

कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। इसी दौरान “डायमंड पेप्सी” फैक्ट्री में मैंगो, ऑरेंज, काला खट्टा, कोकोनट और चॉकलेट फ्लेवर की आइस लॉली बनती मिली। जांच में सामने आया कि निर्माण में बोरिंग के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब अधिकारियों को आइस लॉली में सैकरीन के इस्तेमाल के संकेत मिले। खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से मैंगो और ऑरेंज फ्लेवर आइस लॉली के साथ सैकरीन के सैंपल भी जांच के लिए जब्त कर लिए।

जांच में यह भी सामने आया कि उत्पादों पर जरूरी वैधानिक चेतावनी और लेबलिंग तक नहीं थी। अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने फैक्ट्री का निर्माण कार्य अगली जांच तक बंद करा दिया। मौके पर संचालक मनोज कुशवाहा मौजूद मिले।

इसी अभियान के तहत तिलक नगर स्थित F.C. Enterprises से टोन्ड मिल्क, कंडेंस्ड मिल्क, क्रीम, हनी और फ्लेवर्ड मिल्क के सैंपल लिए गए, जबकि ओल्ड पलासिया स्थित डेल्टा मार्केटिंग से डेयरी बेस्ड ड्रिंक, फ्लेवर्ड मिल्क, कुकीज और रस्क के नमूने जांच के लिए भेजे गए। वहीं CM हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद जेल रोड स्थित विजय श्री सैंडविच का निरीक्षण कर बेक समोसा का भी सैंपल लिया गया।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कहा है कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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