भोपाल। राजधानी भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों को बड़ा संदेश दिया गया। अटल बिहारी बाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में चल रही इस ट्रेनिंग में मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं को साफ तौर पर काफिले की संस्कृति छोड़ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करने की नसीहत दी गई।
बैठक में कहा गया कि नेताओं को ऊर्जा बचत और सादगी का संदेश सिर्फ मंच से नहीं बल्कि अपने व्यवहार से भी देना होगा। नेताओं से कहा गया कि कार्यक्रमों में कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गाड़ियां लेकर पहुंचते हैं, इसे रोकना होगा। खुद भी काफिले की आदत पूरी तरह छोड़नी होगी और आम जनता के बीच सादगी का उदाहरण पेश करना होगा।
ट्रेनिंग के दौरान मंत्री दर्जा प्राप्त करीब 60 अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों को शासन की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रियाएं और विभागीय नीतियों की जानकारी दी गई। साथ ही विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बेहतर सामंजस्य बनाकर काम करने की सलाह भी दी गई। नेताओं को उनके अधिकार, जिम्मेदारियां और दायित्वों को लेकर भी विस्तार से समझाया गया।
इस दौरान यह भी साफ संकेत दिए गए कि संगठन और सरकार अनुशासन को लेकर अब सख्त रुख अपना रही है। हाल ही में दो बड़ी कार्रवाइयां भी हो चुकी हैं। भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटाया जा चुका है, जबकि पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर के सभी अधिकार फ्रीज कर दिए गए हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस ट्रेनिंग को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण का बड़ा संदेश माना जा रहा है।

