लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में लोक भवन में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस अहम बैठक में कुल 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनाव को लेकर पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का रहा, जबकि वेटनरी छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
कैबिनेट बैठक में यूपी राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई। अब यह आयोग पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। बताया गया है कि आयोग को 6 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज होंगे, जबकि इसके पांच सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार करेगी। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद लिया गया है।
बैठक में पशु चिकित्सा यानी वेटनरी छात्रों को भी बड़ी राहत दी गई। कैबिनेट ने इंटर्नशिप भत्ता 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने के फैसले पर मुहर लगा दी। इससे प्रदेश के हजारों छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा।
इसके अलावा कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। मिर्जापुर में 765/400 केवी पूलिंग उपकेंद्र और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण, आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 के स्टेशन और वायाडक्ट निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण, लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर एमओयू और राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 1010 बेड के सुपर स्पेशियलिटी इमरजेंसी सेंटर निर्माण जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
कैबिनेट ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार, यूपी जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026, यूपी लोक सेवा आयोग संशोधन विनियम 2026 और मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी।
योगी सरकार की इस पहली कैबिनेट बैठक को आगामी पंचायत चुनाव और विकास परियोजनाओं के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

