सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। एक तरफ जिले में भाजपा का प्रशिक्षण वर्ग चल रहा है, जहां पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और स्थानीय लोग अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं।
मामला ग्राम अमलाहा डीसी का है, जहां पिछले करीब 15 दिनों से रात के समय लगातार बिजली गुल रहने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों की रातों की नींद उड़ चुकी है। किसान, व्यापारी और आम लोग लगातार बिजली संकट का सामना कर रहे हैं।
इसी समस्या को लेकर ग्रामीण एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया, लेकिन प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही। मौके पर थाना प्रभारी टीआई गिरीश दुबे, अमलाहा चौकी प्रभारी प्रेमसिंह ठाकुर सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर तीन दिनों के भीतर बिजली कटौती की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जो लोग हमेशा सरकार के साथ खड़े रहते हैं, आज वही अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हैं। लोगों का कहना है कि किसान परेशान हैं, व्यापारी परेशान हैं और आम जनता लगातार मुश्किलों का सामना कर रही है।
अब इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन और बिजली विभाग पर दबाव बढ़ गया है और लोग इंतजार कर रहे हैं कि आखिर कब उन्हें इस बिजली संकट से राहत मिलेगी।

