लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और हरित औद्योगिक विकास को लेकर बड़ी पहल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों के तहत प्रदेश में करीब 5 हजार करोड़ रुपये के सोलर निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती मिलने जा रही है। इस निवेश के जरिए प्रदेश में लगभग 7 गीगावाट अतिरिक्त ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार अब उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा और भविष्य की तकनीकों का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी YEIDA क्षेत्र को ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 17 कंपनियों को अलग-अलग परियोजनाओं के लिए जमीन और निवेश की मंजूरी दी गई है।
इसमें CESG ग्रीन पावर कंपनी द्वारा करीब 3 हजार 805 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश प्रस्तावित किया गया है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन को नई रफ्तार मिलेगी और औद्योगिक विकास को भी बड़ा फायदा होगा।
प्रदेश में बैटरी निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी तेजी से निवेश बढ़ रहा है। सरकार की नई औद्योगिक और ऊर्जा नीतियों के चलते इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV सेक्टर और स्मार्ट एनर्जी प्रोजेक्ट्स को भी व्यापक बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश को हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ये निवेश न सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेंगे, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे।

