राम मंदिर से जुड़े एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी अब कानूनी मोड़ लेती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी के जरिए समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ कथित रूप से भ्रामक, आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की जा रही है।
समाजवादी पार्टी की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, 4 जुलाई 2026 से लगातार ऐसे पोस्ट और वीडियो साझा किए जा रहे हैं, जिनमें दावा किया गया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले के एक आरोपी ने पिछले ढाई वर्षों में अखिलेश यादव से सैकड़ों बार फोन पर बातचीत की। पार्टी ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी 6 जुलाई को सोशल मीडिया पर इसी कथित सामग्री को साझा करते हुए टिप्पणी की, जिससे पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
समाजवादी पार्टी ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित अकाउंट्स के आईपी एड्रेस, लॉगिन डिटेल, ईमेल और मोबाइल नंबर जुटाकर संबंधित लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे से कथित भ्रामक पोस्ट हटाने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि पोस्ट नहीं हटाई गई, तो उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले में आरोप और प्रत्यारोप का दौर जारी है। मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस और संबंधित एजेंसियों की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

