भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी को सीधी और सख्त चेतावनी दी है। पटवारी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि भाजपा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करती है तो उसका स्वागत है, लेकिन अगर लोकतांत्रिक परंपराओं को तोड़ने की कोशिश की गई तो कांग्रेस भी उसी भाषा में जवाब देना जानती है। उन्होंने कहा कि “ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।”
जीतू पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और राज्यसभा के लिए पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्याशी पूरी मजबूती के साथ मैदान में है और किसी भी तरह की राजनीतिक चालबाजी का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उनके इस बयान ने राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल और तेज कर दी है।
राज्यसभा चुनाव के मुद्दे के साथ-साथ जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की जनता को अच्छे दिनों का वादा किया गया था, लेकिन आज पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, रसोई गैस महंगी हो चुकी है और करोड़ों लोग सरकारी राशन पर निर्भर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आर्थिक असमानता लगातार बढ़ रही है और आम जनता महंगाई की मार झेल रही है।
पटवारी ने कहा कि देश में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुके हैं। उनका दावा है कि अर्थव्यवस्था और विदेश नीति दोनों मोर्चों पर सरकार अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार इन मुद्दों को उठा रहा है, लेकिन सरकार ध्यान देने के बजाय राजनीतिक रणनीतियों में व्यस्त है।
इधर राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर भाजपा भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। पार्टी नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों को भोपाल में रुकने के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा तीसरी सीट पर भी दावा ठोकने की रणनीति पर काम कर रही है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया संकेतों के बाद इस संभावना को और बल मिला है कि भाजपा चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बनाने की तैयारी में है।
अगर राज्यसभा की तीसरी सीट के गणित पर नजर डालें तो एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के वोट जरूरी हैं। वर्तमान विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। हालांकि कांग्रेस के दो विधायक मतदान नहीं कर पाएंगे, जिसके चलते उसके प्रभावी वोट 62 रह जाएंगे। भाजपा दो सीटें आराम से जीतने के बाद भी अतिरिक्त वोटों के साथ तीसरी सीट पर दांव खेलने की स्थिति में दिखाई दे रही है।
यही वजह है कि तीसरी राज्यसभा सीट अब केवल चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बनती जा रही है। एक तरफ भाजपा अपने राजनीतिक गणित के भरोसे मैदान में है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने की तैयारी में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में यह मुकाबला मध्य प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बन सकता है।

