लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार से लेकर संगठन तक शीर्ष पदों पर बैठे भाजपा नेताओं की भाषा लगातार असंसदीय और अमर्यादित होती जा रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री नौ वर्षों के कार्यकाल में विकास के ठोस काम करने में असफल रहे हैं और जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। आए दिन हत्या, अपराध और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और थाना से लेकर तहसील तक आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक सरकारी विभागों में पारदर्शिता की कमी है और जनता को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
सपा प्रमुख ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को न तो पर्याप्त इलाज मिल रहा है और न ही जरूरी दवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बिजली और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इसके जरिए जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। वहीं शिक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
किसानों और पंचायत चुनावों का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय पर पंचायत चुनाव कराने में भी विफल रही है। उनके अनुसार भाजपा सरकार जनता से किए गए अपने अधिकांश वादों को पूरा नहीं कर पाई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार के मंत्रियों के पास जनता के सवालों का जवाब नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में हार के डर से घबराई हुई है। सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले चुनाव में अपने वोट के जरिए फैसला सुनाएगी।
अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में जनता भाजपा को उसके कामकाज के आधार पर जवाब देगी और सत्ता परिवर्तन का रास्ता तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाला चुनाव प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा।

