मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- हार के डर से जानबूझकर की गई गलती

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार सुबह दिल्ली दौरे के लिए रवाना होने से पहले भोपाल स्थित प्रसिद्ध गुफा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर से बाहर निकलने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह कोई साधारण गलती नहीं, बल्कि हार के डर और कांग्रेस की आंतरिक खींचतान का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर अपने प्रत्याशी के नामांकन पत्र में त्रुटियां कीं, क्योंकि इस सीट पर पार्टी के भीतर कई नेताओं की नजर थी और अंदरूनी मतभेद लगातार सामने आ रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जब गांव का कोई व्यक्ति पंच या सरपंच का चुनाव लड़ता है, तब भी वह अपने नामांकन पत्र में सभी जानकारियां सही तरीके से दर्ज करता है। लेकिन कांग्रेस के ऐसे नेता, जो कई बार चुनाव लड़ चुके हैं, वे भी आवश्यक जानकारी देना भूल गए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जैसे प्रतिष्ठित चुनाव में किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि स्वयं कांग्रेस के नेताओं ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष यह स्वीकार किया है कि नामांकन पत्र में जरूरी जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के लोग ही अपनी गलती मान रहे हैं, तो इसके लिए भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को अपनी कार्यप्रणाली और आंतरिक व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है। यही कारण था कि उन्हें अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल अपने प्रत्याशी का नामांकन पत्र भी सही तरीके से दाखिल नहीं करा सकता, तो यह उसकी संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले को किसी अन्य मुद्दे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी चयन के समय राजनीतिक दलों को सभी आवश्यक पहलुओं की जांच-पड़ताल करनी चाहिए, ताकि बाद में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों।

इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशहित और जनकल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगे भी देश की सेवा करने का अवसर मिले और वे आने वाले समय में भी देश का नेतृत्व करते रहें।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सामान्य और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी भावना के साथ भाजपा आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना करेगी।

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