इंदौर में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन, महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर छापा, आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। प्रारंभिक जांच में उनके पास आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें कंडवाल के आवास, जिम, डिपार्टमेंटल स्टोर और अन्य परिसरों में दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि जांच के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आ सकते हैं।

बताया जा रहा है कि पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सख्ती बरती जा रही है। इसी क्रम में लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत लोकायुक्त को प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन की जिम्मेदारी कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास को सौंपी गई थी।

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि करीब 30 वर्षों के शासकीय सेवाकाल के दौरान कंडवाल ने अपनी वैध आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। लोकायुक्त की जांच के अनुसार वर्ष 1996 से शासकीय सेवा में कार्यरत कंडवाल की वेतन और अन्य वैध स्रोतों से कुल आय लगभग ढाई करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि अब तक सत्यापित संपत्तियों का मूल्य करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये पाया गया है।

इन्हीं तथ्यों के आधार पर लोकायुक्त ने उनके खिलाफ आय से 241 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति का मामला दर्ज किया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है। इनमें इंदौर के स्कीम नंबर 103 में स्थित 252 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर बना लगभग 13 हजार 500 वर्गफीट का बहुमंजिला भवन शामिल है। बताया जा रहा है कि इस भवन की तीन मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं, जबकि चौथी मंजिल पर परिवार निवास करता है।

इसके अलावा स्कीम नंबर 140 में दो प्लॉट होने की जानकारी मिली है। वहीं, पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से लगे तारपुरा, बेकलाय और बनेड़िया सहित ग्रामीण इलाकों में 11 अलग-अलग कीमती भूखंडों का भी खुलासा हुआ है। इन संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

लोकायुक्त पुलिस ने विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद बुधवार सुबह यह कार्रवाई शुरू की थी। फिलहाल तीनों टीमें अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद अन्य संपत्तियों और निवेशों से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का यह मामला अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सभी की नजर लोकायुक्त की इस कार्रवाई पर टिकी हुई है और जांच पूरी होने के बाद कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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