सिंगरौली। जिले में आम नागरिकों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर गौरव बैनल ने मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ राजस्व अधिकारियों पर पांच-पांच सौ रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह खुलासा हुआ कि जिले की विभिन्न तहसीलों में जमीन सीमांकन से जुड़े कई आवेदन लंबे समय से लंबित पड़े हुए हैं। इन मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकरण नहीं किया गया था, जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अधिकारियों की इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर गौरव बैनल की कार्रवाई की जद में कोरावल के ज्ञानेंद्र साकेत, सरई के धर्म प्रकाश मिश्रा, सासन के राजेंद्र बंसल, देवसर के ऋषि नारायण सिंह, निवास के अमित मिश्रा, माड़ा की जाह्नवी शुक्ला, चितरंगी के नागेश्वर पनिका और मकरोहर माड़ा की प्रतीक्षा सिंह शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों पर पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अर्थदंड की यह राशि तत्काल शासन के निर्धारित खाते में जमा कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले सभी आवेदनों का निराकरण तय समय सीमा के भीतर करना सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर की इस कार्रवाई को आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन के इस सख्त संदेश के बाद अन्य विभागों के अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद लंबित मामलों के निराकरण में कितनी तेजी आती है और आम लोगों को इसका कितना लाभ मिल पाता है।

