सीहोर में स्वच्छता पखवाड़े के अंतिम दिन सांसद आलोक शर्मा का अलग अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने गंदगी देखकर अधिकारियों को फटकार लगाई और खुद सफाई अभियान में उतर गए।

सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर में स्वच्छता पखवाड़े के समापन अवसर पर सीवन घाट का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद आलोक शर्मा का सख्त और सक्रिय रूप देखने को मिला। घाट पर फैली गंदगी और बिखरे कूड़े-कचरे को देखकर सांसद नाराज हो गए और मौके पर मौजूद नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी यानी CMO सुधीर सिंह को जमकर फटकार लगाई।

जानकारी के अनुसार, सांसद आलोक शर्मा नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और नगर पालिका के अधिकारियों के साथ सीवन घाट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही उनकी नजर घाट पर फैली गंदगी पर पड़ी, उन्होंने तत्काल नाराजगी जाहिर करते हुए सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि आखिर इतनी महत्वपूर्ण जगह पर नियमित साफ-सफाई क्यों नहीं हो रही है।

सांसद ने मौके पर ही CMO सुधीर सिंह को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि घाट क्षेत्र की सफाई तुरंत शुरू की जाए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा दिखाई नहीं देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की सेवा के लिए चुने गए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे स्वच्छता को प्राथमिकता दें।

इसके बाद सांसद आलोक शर्मा ने केवल निर्देश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि खुद हाथ में झाड़ू उठाकर सफाई अभियान में शामिल हो गए। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, CMO सुधीर सिंह और कार्यकर्ताओं ने भी घाट पर सफाई की। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक सभी ने मिलकर घाट परिसर में फैले कचरे को हटाने का काम किया।

इस दौरान सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्वच्छता केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सीवन घाट सीहोर का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में घाट की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सांसद की इस पहल को स्थानीय लोगों ने भी सराहा। मौके पर मौजूद नागरिकों का कहना था कि जनप्रतिनिधियों का इस तरह जमीनी स्तर पर उतरकर काम करना एक सकारात्मक संदेश देता है और इससे प्रशासनिक अमले की जवाबदेही भी तय होती है।

सीहोर में स्वच्छता पखवाड़े के अंतिम दिन सामने आई यह तस्वीर अब चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां एक ओर सांसद ने अधिकारियों को जिम्मेदारी का एहसास कराया, तो दूसरी ओर खुद झाड़ू उठाकर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई।

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