ट्विशा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, पद के दुरुपयोग और कानूनी सहायता योजना के कथित दुरुपयोग के आरोप

भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में बंद रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने जांच एजेंसियों के साथ-साथ कानूनी और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। आरोप है कि गिरीबाला सिंह ने अपने प्रभाव और पुराने संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।

जांच से जुड़े दस्तावेजों और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यानी एमपीएसएलएसए से जुड़े एक सदस्य से गिरीबाला सिंह की कई बार बातचीत हुई थी। सामने आई जानकारी के मुताबिक उन्होंने मनोज कुमार नामक सदस्य को कुल आठ बार फोन किए थे। इनमें से एक कॉल देर रात किए जाने का भी उल्लेख किया जा रहा है, जिसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

मामले में एक और गंभीर आरोप सरकारी विधिक सहायता योजना के कथित दुरुपयोग को लेकर सामने आया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। आरोप है कि रिटायर्ड जज होने के बावजूद गिरीबाला सिंह ने इस सुविधा का लाभ लेने की कोशिश की। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

इसी बीच यह भी दावा किया गया है कि गिरीबाला सिंह की ओर से अदालत में पैरवी करने वाले वकील श्रेयस सक्सेना और उनके बेटे समर्थ सिंह पहले से एक-दूसरे को जानते थे। जांच के दौरान कुछ तस्वीरें और सोशल मीडिया से जुड़े कथित साक्ष्य भी सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह समझने का प्रयास कर रही हैं कि इन संबंधों का मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।

मामले में एक और नया मोड़ उस समय आया, जब जांच के दौरान ट्विशा शर्मा के ब्यूटी पार्लर जाने और उसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति के शादी समारोह में पहुंचने की बात सामने आई। अब जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उस अज्ञात व्यक्ति की भूमिका क्या थी।

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने भी इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों ने अपने पद और पहुंच का इस्तेमाल करने का प्रयास किया है और पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।

फिलहाल अदालत के आदेश के बाद रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। इस बीच जांच एजेंसियां नए सिरे से सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों की पड़ताल में जुटी हुई हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और अदालत के सामने कौन-कौन से नए तथ्य पेश किए जाते हैं।

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