बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट में कथित चावल घोटाला और डबल मनी मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने इन दोनों मामलों की सीबीआई या किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बालाघाट पुलिस की एसआईटी जांच निष्पक्ष नहीं दिखाई दे रही है और कई बड़े नामों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि कथित चावल घोटाले में भाजपा जिलाध्यक्ष और पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भाई कुमार कावरे और भतीजे अविनाश कावरे के नाम सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि हर्ष राइस मिल से जुड़े मामले में एक पार्टनर विनोद शर्मा की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अन्य आरोपितों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
अनुभा मुंजारे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सभी आरोपियों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में एसपी कार्यालय का घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
डबल मनी मामले को लेकर भी विधायक ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों से कम समय में रकम दोगुनी करने का वादा कर करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाले आरोपी सोमेंद्र कंकराने की गिरफ्तारी के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। विधायक के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़े नामों का भी उल्लेख किया है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि जब इतने हाई-प्रोफाइल नाम सामने आ रहे हैं, तब स्थानीय स्तर की जांच एजेंसी पर दबाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि इस पूरे मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।
फिलहाल, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यदि आने वाले समय में जांच की दिशा और कार्रवाई को लेकर संतोषजनक स्थिति नहीं बनती है, तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और पुलिस इन आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं और क्या इन चर्चित मामलों की जांच किसी बड़ी एजेंसी को सौंपी जाएगी।

