भोपाल। भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब बेहद अहम दौर में पहुंच चुकी है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई इस केस की परत-दर-परत सच्चाई सामने लाने के लिए आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकों का सहारा ले रही है। जांच एजेंसी अब ऐसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही है, जो इस मामले से जुड़े कई बड़े रहस्यों से पर्दा उठा सकते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने मामले में जब्त किए गए लैपटॉप की विस्तृत तकनीकी जांच पूरी कर ली है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा लैपटॉप से प्राप्त डिजिटल डेटा का गहन विश्लेषण किया गया है। इस जांच से मिले इनपुट के आधार पर अब एजेंसी ने अपनी पड़ताल का दायरा और बढ़ा दिया है।
लैपटॉप की जांच के बाद अब सीबीआई का पूरा फोकस मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों पर है। बताया जा रहा है कि एजेंसी मोबाइल से डिलीट किए जा चुके चैट्स को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा संबंधित व्यक्तियों के व्हाट्सएप बैकअप की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि घटना से पहले और उसके दौरान हुई बातचीत के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा सकें।
जांच के दौरान मूल डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से सीबीआई डेटा क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इस प्रक्रिया के तहत मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा की हूबहू कॉपी तैयार की जाती है, ताकि मूल साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या नुकसान की आशंका न रहे। फॉरेंसिक विशेषज्ञ इसी क्लोन किए गए डेटा पर अपनी तकनीकी जांच को आगे बढ़ा रहे हैं।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई ‘टाइमलाइन एनालिसिस’ तकनीक का भी सहारा ले रही है। इसके जरिए घटना से पहले और घटना के दौरान की एक-एक गतिविधि को क्रमवार जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कौन किससे संपर्क में था, किस समय किस डिवाइस का इस्तेमाल हुआ और डिजिटल गतिविधियों का पूरा पैटर्न क्या था, इसका विस्तृत खाका तैयार किया जा रहा है।
जांच एजेंसी की यह रणनीति साफ संकेत देती है कि अब केस को केवल मौखिक बयानों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि यदि डिलीट किया गया डेटा सफलतापूर्वक रिकवर हो जाता है, तो इस मामले में कई नए और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
फिलहाल सीबीआई की टीम लगातार तकनीकी जांच में जुटी हुई है और हर डिजिटल कड़ी को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने लाने का प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में इस जांच से जुड़े नए तथ्यों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

