पत्नी से वीडियो कॉल पर कहा आखिरी ‘बाय-बाय’, फिर सरकारी आवास में फंदे पर झूलता मिला आरक्षक

मध्य प्रदेश के डबरा से एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। सिटी थाना में पदस्थ एक आरक्षक ने कथित तौर पर अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पुलिस महकमे के साथ-साथ पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बताया जा रहा है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले आरक्षक ने अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात की और आखिरी बार उन्हें ‘बाय-बाय’ कहा।

मृतक की पहचान राघवेंद्र तोमर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मुरैना जिले के पोरसा के निवासी थे। वे मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत थे और पिछले लगभग एक वर्ष से डबरा के सिटी थाना में पदस्थ थे। थाना परिसर के पीछे स्थित शासकीय आवास में वे अकेले रह रहे थे।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब नौ बजे राघवेंद्र तोमर ने अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बातचीत की। इसी दौरान उन्होंने पत्नी को आखिरी बार बाय-बाय कहा। इसके बाद कॉल अचानक बंद हो गई। कुछ ही देर बाद उनके इस कदम की जानकारी सामने आई।

इधर, जब राघवेंद्र के भाई मोनू ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो काफी देर तक फोन रिसीव नहीं हुआ। लगातार प्रयास के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने डबरा थाने में पदस्थ आरक्षक मिंटू परिहार को फोन कर स्थिति की जानकारी दी और राघवेंद्र का हालचाल देखने के लिए कहा।

मिंटू परिहार तुरंत शासकीय आवास पहुंचे। जब उन्होंने कमरे के अंदर जाकर देखा तो राघवेंद्र तोमर फंदे से लटके हुए थे। घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जानकारी मिलते ही एसडीओपी सौरभ कुमार सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरक्षक ने आवास के गेट के ऊपर लगे कुंदे में रस्सी बांधकर फंदा तैयार किया और उसी पर झूल गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। साथ ही ग्वालियर से वरिष्ठ अधिकारियों और मृतक के परिजनों को भी सूचना दी गई।

परिजनों और अधिकारियों की मौजूदगी में आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां थीं, जिन्होंने एक पुलिसकर्मी को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

बताया जा रहा है कि आरक्षक राघवेंद्र तोमर को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे भी हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पुलिस महकमे में भी शोक की लहर है।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

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