‘मेरी तीन बेटियां हैं, बेटा कहां से लाऊं?’ मेट्रो मुआवजे को लेकर महिला ने सीएम से लगाई गुहार

 इंदौर। इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मुआवजा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट में एक महिला सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने पहुंची और मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों पर मुआवजे के वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया। महिला की शिकायत सुनकर मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।

दरअसल बड़ा गणपति क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए कुल 10 मकानों का अधिग्रहण किया जाना था। इनमें से अधिकांश मामलों का निपटारा हो चुका है, लेकिन एक महिला अपने मकान के बदले दिए जा रहे मुआवजे को लेकर लगातार विरोध जता रही है। महिला का आरोप है कि उसके मकान के लिए केवल 16 लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया है, जबकि उसी इलाके में अन्य लोगों को 40 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया गया है।

महिला ने दावा किया कि जब उसने अधिकारियों से इस अंतर के बारे में सवाल किया तो उसे ऐसा जवाब मिला जिसने उसे अंदर तक झकझोर दिया। महिला के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि अगर उसका बेटा होता तो उसे ज्यादा मुआवजा मिल सकता था। इस कथित टिप्पणी से आहत महिला ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “मेरी तीन बेटियां हैं, मैं बेटा कहां से लाऊं? क्या सिर्फ बेटियां होने की वजह से मुझे मेरा पूरा अधिकार नहीं मिलेगा?”

महिला का यह सवाल सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। उसने आरोप लगाया कि मुआवजा तय करने की प्रक्रिया में उसके साथ अन्याय किया गया है और उसे समान अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। महिला का कहना है कि उसे वही मुआवजा मिलना चाहिए जो अन्य प्रभावित मकान मालिकों को दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसे भरोसा दिलाया कि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव या अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए और कहा कि यदि कहीं भी गड़बड़ी या पक्षपात पाया गया तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने महिला को आश्वस्त किया कि उसे उसके अधिकारों के अनुसार न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। अब इस मामले की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि मुआवजा वितरण प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं, लेकिन फिलहाल इस शिकायत ने मेट्रो प्रोजेक्ट की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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