पन्ना में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, एंबुलेंस की देरी और पोस्टमार्टम में इंतजार से परिजनों का फूटा गुस्सा

पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद समय पर सहायता नहीं मिलने और बाद में पोस्टमार्टम प्रक्रिया में हुई देरी के कारण परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घटना के बाद जिला अस्पताल में परिजनों का आक्रोश भी देखने को मिला।

जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के पड़रहा गांव निवासी 40 वर्षीय विद्या कुशवाहा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रात में तुरंत आपातकालीन सहायता के लिए संपर्क किया, लेकिन मदद पहुंचने में काफी समय लग गया। इस दौरान परिवार लगातार महिला को उपचार दिलाने के प्रयास करता रहा।

परिजनों के मुताबिक प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिवार का दावा है कि आगे की व्यवस्था में भी उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा। अंततः वे निजी वाहन की मदद से अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है।

मृतका के पति ने बताया कि परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। कुछ समय पहले उनके बेटे का निधन हो गया था, जिसके बाद से पूरा परिवार मानसिक और भावनात्मक तनाव में था। ऐसे में यह घटना उनके लिए एक और बड़ा आघात बनकर सामने आई है।

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि अगले दिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी समय पर शुरू नहीं हो सकी। उनका कहना है कि वे कई घंटों तक अस्पताल परिसर में जरूरी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करते रहे। लगातार इंतजार और परेशानी के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।

हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारी सक्रिय हुए, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी कराई गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर चर्चा जारी है और लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

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