अयोध्या.राम मंदिर चढ़ावा और दान सामग्री से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में गठित एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। जानकारी के अनुसार जांच टीम ने करीब 150 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसे आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जा सकता है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं और तथ्यों का उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
PMO से आई रिपोर्ट भी होगी शामिल
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भेजे गए एक वरिष्ठ अधिकारी की रिपोर्ट को भी एसआईटी की जांच रिपोर्ट के साथ जोड़ा जा सकता है। दोनों रिपोर्टों के अध्ययन के बाद कानूनी राय ली जाएगी और उसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। चर्चा है कि यदि जरूरत पड़ी तो एसआईटी आगे की जांच के लिए अतिरिक्त समय भी मांग सकती है।
दान में मिली चांदी को लेकर उठे सवाल
जांच के दौरान इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी द्वारा उठाए गए सवाल भी चर्चा में रहे। उनका दावा है कि देशभर के सराफा व्यापारियों के सहयोग से लगभग 60 किलो चांदी एकत्र की गई थी, जिसे विशेष ईंटों के रूप में तैयार कर मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों को सौंपा गया था। इन ईंटों पर दानदाताओं के नाम और गोत्र भी अंकित बताए गए थे।
दान सामग्री के उपयोग को लेकर मांगा गया ब्यौरा
अनुराग रस्तोगी का कहना है कि चांदी की ईंटों के अलावा उन्होंने अन्य चांदी की वस्तुएं और धार्मिक सामग्री भी दान की थी। उनका आरोप है कि बाद में इन वस्तुओं के उपयोग या स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। उन्होंने दान में प्राप्त सभी वस्तुओं का सार्वजनिक विवरण जारी करने की मांग की है ताकि श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
श्रद्धालुओं के बीच बढ़ी पारदर्शिता की मांग
मामले में लगातार सामने आ रहे आरोपों और दावों के बीच कई श्रद्धालु दान सामग्री और चढ़ावे के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर में प्राप्त दान और उसके उपयोग की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की भ्रम या शंका की स्थिति न बने।
अब नजर SIT रिपोर्ट पर
फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद सरकार और संबंधित एजेंसियां आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्णय ले सकती हैं। मामले को लेकर जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा रही है और आगे भी नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

