इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने इंदौर दौरे के दौरान एक बार फिर भाजपा सरकार पर हमलावर नजर आए। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने NEET परीक्षा, राम मंदिर दान से जुड़े विवाद और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए।
NEET परीक्षा को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहत की बात है कि परीक्षा किसी तरह संपन्न हो गई, लेकिन पिछले दिनों परीक्षा व्यवस्था को लेकर जो विवाद सामने आए, उन्होंने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर दान राशि को लेकर सामने आए विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ दान करते हैं, तब उससे जुड़े हर पहलू में पूरी पारदर्शिता होना जरूरी है। दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार और संबंधित व्यवस्थाओं से जवाब देने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने योग के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, लेकिन इसे राजनीतिक प्रचार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर भी तंज कसते हुए अपनी राजनीतिक टिप्पणी की।
इंदौर में दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है, वहीं भाजपा नेताओं की ओर से भी पलटवार की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।

