भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर लगाए गए आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानों के जरिए जवाब देते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है और आरोपों में कोई तथ्य नहीं है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 में घोषित संपत्ति और वर्तमान स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़ी जमीनों को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को देखकर विपक्ष परेशान है और इसी वजह से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद न तो डॉ. मोहन यादव और न ही उनके परिवार ने कोई नई जमीन खरीदी है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की तरह मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य भी अपने व्यवसायिक कार्य करने के लिए स्वतंत्र हैं। सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि संपत्ति को लेकर दी जा रही जानकारी सही नहीं है।
वहीं बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जो जानकारी दी गई थी, उसमें अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। शर्मा ने कहा कि उज्जैन के विकास और आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों से कांग्रेस असहज महसूस कर रही है।
एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास मौजूद जमीनें पहले से हैं और मास्टर प्लान में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों की निजी संपत्तियों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उनके अनुसार जो भी खरीद-फरोख्त हुई है, वह नियमों के तहत और पहले की अवधि में हुई थी।
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि कांग्रेस सुनियोजित तरीके से मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विकास और सरकार की उपलब्धियों को देखकर विपक्ष बौखलाया हुआ है। गौर ने कहा कि जनता सच्चाई जानती है और ऐसे आरोपों से भ्रमित नहीं होगी।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री की संपत्ति से जुड़ी सभी जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई नई जमीन नहीं खरीदी गई और कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार विकास कार्य कर रही है और जनता इसका लाभ देख रही है। उनके अनुसार राजनीतिक लाभ के लिए लगाए जा रहे ऐसे आरोप पहले भी लगाए जाते रहे हैं, लेकिन जनता हमेशा तथ्यों के आधार पर निर्णय लेती है।
फिलहाल इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी जारी है। एक तरफ कांग्रेस सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना रह सकता है।

