छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से छात्रावास में छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। न्यूटन चिखली स्थित अनुसूचित जाति जूनियर कन्या छात्रावास में खाने को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार इल्ली युक्त सब्जी, कच्चे चावल और अधपकी रोटियां परोसी जा रही हैं।
खाने में इल्ली मिलने के बाद बढ़ा आक्रोश
छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने खाने की खराब गुणवत्ता और सब्जी में इल्ली मिलने की शिकायत छात्रावास अधीक्षिका माया मांडवार से की, तो उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें कथित तौर पर जवाब मिला, ‘जैसा मिल रहा है, वैसा खा लो।’
अधीक्षिका के इस कथित जवाब के बाद छात्राओं का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने हॉस्टल के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और अधीक्षिका को पद से हटाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
हॉस्टल में जाने से भी छात्राओं ने किया इनकार
विरोध कर रही छात्राओं ने छात्रावास के अंदर जाने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना है कि भोजन की खराब गुणवत्ता के कारण उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है और शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।
छात्राओं के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब हॉस्टल के खाने को लेकर शिकायत सामने आई हो। इससे पहले भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
छात्राओं ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
अब छात्राओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हॉस्टल में इस्तेमाल होने वाले राशन की खरीदी, उसकी गुणवत्ता और रसोई व्यवस्था की जांच होनी चाहिए।
छात्राओं ने मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर भोजन और राशन के सैंपल लें और अगर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल हॉस्टल के भोजन को लेकर छात्राओं के विरोध ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और छात्राओं को बेहतर एवं सुरक्षित भोजन कब तक मिल पाता है।

