इंदौर। इंदौर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब के चुनाव में इस बार बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक उलटफेर देखने को मिला। अध्यक्ष पद के मुकाबले में जितेंद्र जैन ने पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह उर्फ पम्मी छाबड़ा को 65 वोटों से हराकर पहली बार अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। वहीं सचिव पद पर विजय कस्तुरी ने अतुल सेठ को 43 वोटों से पराजित कर जीत हासिल की।
पांच हजार से अधिक सदस्यों वाले यशवंत क्लब में हुए इस चुनाव में टीम हैप्पी वाईसी का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। अध्यक्ष और सचिव के अलावा सहसचिव पद पर तेजवीर जुनेजा और कोषाध्यक्ष पद पर रूपल एम. पारेख भी विजयी रहे। इस तरह टीम ने अधिकांश प्रमुख पदों पर कब्जा जमाया।
अध्यक्ष पद का मुख्य मुकाबला पूर्व अध्यक्ष पम्मी छाबड़ा और जितेंद्र जैन के बीच था। गौरानी-सचदेवा पैनल के समर्थन से मैदान में उतरे जितेंद्र जैन ने पहले ही राउंड से बढ़त बना ली थी और यह बढ़त अंतिम दौर तक कायम रही। आखिरकार उन्होंने पहली बार अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल कर लिया।

रविवार सुबह 9 बजे मतदान शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्लब के सदस्यों ने उत्साह के साथ मतदान किया। सुबह से ही क्लब परिसर में मतदाताओं की लंबी आवाजाही देखने को मिली। उम्मीदवारों के समर्थक तख्तियां और बैनर लेकर अपने प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करते नजर आए।
शाम 4 बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू हुई। शुरुआती रुझानों से ही जितेंद्र जैन बढ़त बनाए हुए थे और अंत में जीत उनके नाम रही। सचिव पद पर भी विजय कस्तुरी ने लगातार बढ़त बनाए रखते हुए जीत दर्ज की।
नतीजे घोषित होते ही गौरानी-सचदेवा पैनल के समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया। इस चुनाव में क्लब की गतिविधियों, नए निर्माण कार्यों और भविष्य की योजनाओं को लेकर सदस्यों ने खुलकर अपना समर्थन जताया। वहीं पम्मी छाबड़ा के पैनल ने इस बार नए सदस्यों को क्लब में शामिल करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, लेकिन चुनावी मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

