दिग्विजय सिंह की अयोध्या पदयात्रा पर संत समाज का पलटवार, अनिलानंद महाराज बोले- यह आस्था नहीं, राजनीति का दिखावा

भोपाल। उज्जैन से अयोध्या तक पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब इस मुद्दे पर संत समाज की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। धर्मगुरु अनिलानंद महाराज ने दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इस यात्रा को राजनीति से प्रेरित बताया और इसे महज दिखावा करार दिया।

अनिलानंद महाराज ने कहा कि जिन लोगों ने पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और उन्हें काल्पनिक बताया था, आज वही लोग राजनीतिक लाभ के लिए राम के नाम पर पदयात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भगवान राम के अस्तित्व पर पहले संदेह जताया गया था, तो अब अचानक इस तरह की यात्राओं का उद्देश्य क्या है। उनके अनुसार यह आस्था नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है।

राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद पर भी अनिलानंद महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में किसी तरह की चोरी नहीं हुई है और दान देने वाले श्रद्धालुओं की रसीदें आज भी सुरक्षित हैं। उनका कहना था कि मामला मंदिर निर्माण के चंदे का नहीं, बल्कि मंदिर में चढ़ाए गए चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी का है, जिसकी जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी पहले से काम कर रही है।

धर्मगुरु ने कहा कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में बिना जांच पूरी हुए पूरे मंदिर आंदोलन या मंदिर निर्माण पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

अनिलानंद महाराज ने आगे कहा कि यदि दिग्विजय सिंह भगवान राम की आस्था, सनातन परंपरा और मंदिर निर्माण के प्रति श्रद्धा भाव के साथ यात्रा निकालते, तो संत समाज उनका सम्मान करता। लेकिन यदि किसी धार्मिक विषय का उपयोग केवल राजनीतिक उद्देश्य से किया जाए, तो उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीति से जोड़ने के बजाय उसे श्रद्धा और विश्वास के साथ देखा जाना चाहिए।

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