उज्जैन। उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में करीब 300 सुरक्षाकर्मी महाकाल मंदिर परिसर में बने फुट ओवरब्रिज पर एक साथ कूदते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह ब्रिज की मजबूती और क्षमता जांचने के लिए किया गया लोड टेस्ट था। वीडियो सामने आने के बाद टेस्टिंग के इस तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल भी उठ रहे हैं।
वायरल वीडियो पर ओवैसी का तंज
वीडियो वायरल होने के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए तंज कसा और लिखा, “ये तो गजब के दिमागी हैं।” उनके इस बयान के बाद महाकाल मंदिर का यह वीडियो एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से इस वायरल वीडियो को लेकर फिलहाल विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में वीडियो में दिखाई दे रहे टेस्ट की पूरी तकनीकी प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
नागपंचमी पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए किया गया टेस्ट
जानकारी के मुताबिक नागपंचमी के मौके पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचते हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थित है और वहां पहुंचने के लिए परिसर में करीब 91 फीट लंबा फुट ओवरब्रिज बनाया गया है।
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से इस ब्रिज की मजबूती और भीड़ का दबाव सहने की क्षमता जांचने के लिए लोड टेस्ट किया गया। इसी टेस्ट के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी ब्रिज पर एक साथ कूदते दिखाई दिए।
हर साल होता है ‘जंप टेस्ट’?
बताया जाता है कि इस तरह का टेस्ट हर साल किया जाता है और सुरक्षा गार्डों की मदद से ब्रिज की क्षमता जांची जाती है। हालांकि, वायरल वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों को एक साथ ब्रिज पर कुदाकर उसकी मजबूती जांचना सही तरीका है।
लोगों का सवाल है कि जिस ब्रिज पर बाद में हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही होनी है, उसकी सुरक्षा जांच वैज्ञानिक और निर्धारित तकनीकी मानकों के आधार पर होनी चाहिए।
फिलहाल वायरल वीडियो ने महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था और ब्रिज की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर प्रशासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर है कि आखिर इस लोड टेस्ट की पूरी प्रक्रिया क्या थी और क्या ब्रिज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का दबाव झेलने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

