भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी आरजीपीवी में सामने आए पेपर चोरी के मामले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरे मामले की जांच कर तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपे।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा संचालन से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए त्रि-स्तरीय समिति बनाई गई है। इस समिति में यूआईटी के संचालक प्रोफेसर डॉ. एस. एस. भदौरिया, आरजीपीवी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राघवेन्द्र सिंह और यूआईटी के डॉ. विनय थापर को शामिल किया गया है।
जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह पेपर चोरी से जुड़ी सभी शिकायतों, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित तथ्यों का परीक्षण करते हुए आवश्यक समन्वय स्थापित करे। समिति को तीन दिनों के भीतर की गई कार्रवाई, जांच की प्रगति और अपनी अनुशंसाओं सहित विस्तृत रिपोर्ट कुलपति को प्रस्तुत करनी होगी, ताकि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा जिम्मेदारी सामने आती है, तो समिति संबंधित तथ्यों के साथ दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अलग से विस्तृत प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करेगी। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

