अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे इस मामले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने जो बयान जारी किया है, वही उनकी भी प्रतिक्रिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह होसबाले के बयान से पूरी तरह सहमत हैं।
इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस मामले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से करोड़ों रामभक्तों और पूरे समाज की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा था कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
होसबाले ने यह भी कहा था कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है और उसकी जांच के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने ट्रस्ट से यह भी आग्रह किया था कि मंदिर के प्रबंधन और संचालन व्यवस्था में यदि कहीं कोई कमी है, तो उसे तत्काल दूर किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और श्रद्धालुओं का विश्वास पूरी तरह कायम रहे।
दत्तात्रेय होसबाले ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया था कि कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी ताकतें इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से अपील की थी कि वह धैर्य और संयम बनाए रखे तथा किसी भी तरह की अफवाह या साजिश का हिस्सा न बने।
अब संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा भी उसी बयान का समर्थन किए जाने के बाद राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का रुख पूरी तरह स्पष्ट हो गया है।

