राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस पूरे मामले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संघर्ष और त्याग का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर के दान से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष जांच दल यानी एसआईटी की जांच का स्वागत करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।
उधर, एसआईटी लगातार दूसरे दिन भी मामले की जांच में जुटी रही। जांच टीम ने मंदिर परिसर में मौजूद रहकर कई अहम लोगों से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दोबारा सवाल-जवाब किए गए। इससे पहले भी दोनों से कई घंटों तक पूछताछ हो चुकी है। वहीं, 30 जून को चंपत राय का भी बयान दर्ज किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी को आशंका है कि इस कथित मामले में सिर्फ गिरफ्तार किए गए लोग ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। इसी वजह से जांच एजेंसी अब तक 150 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है और हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
इस बीच राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि जांच आगे बढ़ने पर कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, अब तक जांच एजेंसियों ने किसी नए व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की जांच पूरी होने तथा संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

