पूर्व आबकारी अधिकारी पर ED का बड़ा एक्शन! लोकायुक्त के बाद मनी लॉन्ड्रिंग केस में कसा शिकंजा, 18.20 करोड़ की संपत्ति जांच के घेरे में

इंदौर। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी के भोपाल आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के तहत इंदौर की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी को नोटिस भी जारी कर दिया है।

ईडी की यह जांच लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना इंदौर द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले के आधार पर शुरू की गई है। लोकायुक्त ने धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था। इसी एफआईआर को आधार बनाकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और अब मामला अदालत तक पहुंच गया है।

जांच एजेंसी के अनुसार धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर चल और अचल संपत्तियों में निवेश कर अवैध संपत्ति को छिपाने की कोशिश की। ईडी का दावा है कि अपराध से अर्जित संपत्ति की कुल कीमत करीब 18 करोड़ 20 लाख रुपये है।

इससे पहले ईडी पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत लगभग 18.20 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क भी कर चुकी है। बाद में सक्षम प्राधिकारी ने इस कुर्की को मंजूरी दे दी। जांच एजेंसी के मुताबिक कुर्क की गई संपत्तियों में नकदी, बैंक जमा, जमीन-जायदाद और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं।

अब विशेष पीएमएलए अदालत इंदौर में इस मामले की सुनवाई होगी। ईडी का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त की जांच के बाद ईडी की एंट्री ने इस बहुचर्चित मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई और जांच एजेंसी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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