सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में धिरौली रेल मार्ग परियोजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। कोल यार्ड के लिए कथित तौर पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की तैयारी की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते काम कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
ग्रामीणों का दावा है कि परियोजना के तहत करीब 350 पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही थी। उनका कहना है कि पेड़ों की कटाई और अन्य कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित लोगों से चर्चा नहीं की गई और न ही उनकी आपत्तियों को सुना गया।
ग्रामीणों ने मुआवजे की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस नियम के तहत मुआवजा तय किया गया है, किन लोगों की जमीन और संपत्ति प्रभावित होगी और किसे कितनी राशि दी जाएगी।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले खुली जनसुनवाई आयोजित की जाए। उनका कहना है कि इस जनसुनवाई में भू-अर्जन अधिकारी, कंपनी के प्रतिनिधि और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहें, ताकि ग्रामीणों की आपत्तियों और सवालों का जवाब दिया जा सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई बार कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि इलाके में पुलिस बल और निजी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बीच काम कराने की कोशिश से लोगों में भय और तनाव का माहौल बन गया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में कंपनी और प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर क्या फैसला लेता है और परियोजना का काम आगे कैसे बढ़ाया जाएगा।

