जन्मदिन पर अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- सत्ता के लिए संविधान और राम का सहारा ले रही सरकार

लखनऊ.समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन के मौके पर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संविधान, भगवान राम, शिक्षा, धर्म और सरकारी नीतियों जैसे कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कई बड़े आरोप लगाए। साथ ही पार्टी को मजबूत बनाने के लिए एक नए आर्थिक सहयोग अभियान की भी घोषणा की।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के संघर्षों से निकली हुई पार्टी है और वर्षों से समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी की विरासत जनता के विश्वास और संविधान की रक्षा के लिए समर्पित रही है। उनका दावा था कि देश की जनता ने अपने वोट से संविधान को सुरक्षित रखा, लेकिन भाजपा लगातार उसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा के प्रतीक हैं और संविधान लोकतंत्र की आत्मा है। भाजपा पर आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता के लिए दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके मुताबिक भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और श्रद्धा के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

सपा प्रमुख ने इस दौरान ‘पीडीए स्वाभिमान सहयोग अभियान’ शुरू करने का ऐलान भी किया। उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही एक क्यूआर कोड जारी करेगी, जिसके माध्यम से समर्थक न्यूनतम 20 रुपये का आर्थिक सहयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना है।

भाजपा पर हमला जारी रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार के लिए “नेशन फर्स्ट” नहीं बल्कि “डोनेशन फर्स्ट” प्राथमिकता बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था से जुड़े मुद्दों पर उठ रहे गंभीर सवालों से बचने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पेपर लीक के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं से गरीब और मध्यम वर्ग के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती जा रही है, जिसके कारण छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के शब्दकोष में अब न धर्म बचा है और न ही शर्म। उन्होंने कहा कि असली संतों का सम्मान कम हो रहा है, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालय और स्वास्थ्य केंद्र प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *