भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। विभाग ने ‘हमारे शिक्षक’ ऐप को अपडेट करते हुए नया नियम लागू किया है। अब शिक्षकों को केवल स्कूल पहुंचकर लॉग इन करना ही नहीं, बल्कि छुट्टी के समय स्कूल परिसर से ही लॉग आउट करना भी अनिवार्य होगा। यदि कोई शिक्षक स्कूल से बाहर जाकर लॉग आउट करता है या लॉग आउट नहीं करता, तो उसकी उपस्थिति अधूरी मानी जा सकती है।
बताया जा रहा है कि यह फैसला विभाग की समीक्षा के बाद लिया गया। जांच के दौरान छुट्टी के समय शिक्षकों की लोकेशन का विश्लेषण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों की लोकेशन स्कूल परिसर से काफी दूर पाई गई। इसके बाद विभाग ने ई-अटेंडेंस प्रणाली को और सख्त बनाने का निर्णय लिया।
नई व्यवस्था का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ उन शिक्षकों पर पड़ने की संभावना है, जो स्कूल पहुंचकर उपस्थिति दर्ज करने के बाद समय से पहले वापस लौट जाते थे। अब लॉग आउट भी स्कूल परिसर से ही करना होगा, जिससे पूरे कार्यकाल के दौरान स्कूल में मौजूद रहने की निगरानी आसान हो सकेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश में ई-अटेंडेंस व्यवस्था का दायरा लगातार बढ़ रहा है। लगभग 90 प्रतिशत नियमित शिक्षक, 93 प्रतिशत अतिथि शिक्षक और सभी प्राचार्य ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ई-अटेंडेंस के मामले में कई छोटे शहर और आदिवासी बहुल जिले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। बैतूल, सतना, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट और नीमच जैसे जिलों में उपस्थिति का प्रतिशत 95 फीसदी से अधिक दर्ज किया गया है। वहीं कुछ बड़े जिलों में उपस्थिति का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम पाया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक निर्धारित समय तक स्कूल में रहकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएं।

