इटारसी। मध्य प्रदेश के इटारसी से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सहकारी उपभोक्ता भंडारों के संचालन में कथित वित्तीय अनियमितताओं और जालसाजी के मामले में कांग्रेस के दो नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों भाइयों ने सहकारी समितियों की बैठकों के कार्यवृत्त और अन्य शासकीय दस्तावेजों में कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शासन से प्राप्त राशि के वितरण में भी अनियमितताएं बरती गईं। इस मामले में भाजपा पार्षद और नगरपालिका सभापति राकेश जाधव की शिकायत के बाद जांच की गई। जांच के आधार पर पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार उपाध्याय और उनके भाई, जिला कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी अमोल उपाध्याय के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और गबन समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि इटारसी के स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार और रामनारायण उपभोक्ता भंडार में फर्जी तरीके से अध्यक्ष बनकर शासकीय अभिलेख तैयार किए गए और आर्थिक अनियमितताएं की गईं। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार की वर्ष 2007 और 2014 की बैठकों के दस्तावेजों में कथित रूप से सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और शासन से मिलने वाले लाभ का सही वितरण नहीं किया गया।
इसी तरह रामनारायण उपभोक्ता भंडार की वर्ष 2009, 2016 और अन्य बैठकों के रिकॉर्ड में भी कथित रूप से कई लोगों के जाली हस्ताक्षर करने और स्वयं को फर्जी तरीके से अध्यक्ष दर्शाने के आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

