इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां ग्राम मकोड़िया में शिप्रा नदी पर करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया स्टॉप डैम मॉनसून की पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बना निर्माण कार्य दो महीने भी नहीं टिक पाया। उन्होंने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पर आरोप लगाते हुए नैतिक आधार पर उनके इस्तीफे की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि क्षेत्र में बने कई स्टॉप डैम कथित तौर पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुके हैं। उनका कहना है कि पहली ही बारिश में डैम का बह जाना निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही या गुणवत्ता संबंधी कमी की ओर इशारा करता है।
कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस घटना की जांच में क्या निष्कर्ष निकालते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

