केन-बेतवा परियोजना: डूब प्रभावितों का आंदोलन हुआ उग्र, नदी के बीच सांकेतिक फांसी और चिता प्रदर्शन, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे धरना स्थल

 छतरपुर। मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े डूब प्रभावित परिवारों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। आंदोलन के 11वें दिन प्रदर्शनकारियों ने नदी के बीच पहुंचकर सांकेतिक फांसी, चिता और सूली पर चढ़ने का प्रदर्शन किया। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों को अपना समर्थन दिया।

इधर पूरे मामले पर छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 202 करोड़ 50 लाख रुपये का अतिरिक्त पैकेज मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि प्रति परिवार मिलने वाली सहायता राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख 50 हजार रुपये कर दी गई है।

कलेक्टर के अनुसार, छतरपुर जिले के प्रभावित गांवों में लगभग 90 प्रतिशत पात्र परिवारों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। वहीं पन्ना जिले की रूंज परियोजना के लिए 54 करोड़ 75 लाख रुपये और मझगांव परियोजना के लिए 108 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है।

प्रशासन का कहना है कि धरने पर बैठे अधिकांश लोग पन्ना जिले के हैं, जबकि छतरपुर के ज्यादातर प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिल चुका है। कलेक्टर ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचें और परियोजना को राजनीतिक रंग न दिया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन का उद्देश्य सभी पात्र परिवारों तक समय पर पुनर्वास का लाभ पहुंचाना है।

वहीं आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर का कहना है कि कई प्रभावित परिवारों की समस्याएं अब भी हल नहीं हुई हैं, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि सभी प्रभावितों को न्याय मिलने तक प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।

इस बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के धरना स्थल पहुंचने के बाद इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। उमंग सिंघार ने आंदोलनकारियों को समर्थन देते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों की आवाज विधानसभा तक पहुंचाई जाएगी और उनके मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेता है।

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