सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यहां पहली ही बारिश ने सरकारी निर्माण कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। देवसर क्षेत्र की बेलगांव पंचायत में करीब 30 लाख रुपये की लागत से बनाए गए दो चेकडैम बारिश का पानी भी नहीं झेल पाए और देखते ही देखते क्षतिग्रस्त हो गए।
जानकारी के मुताबिक, बेलगांव पंचायत के हाड़ाहिया नाला में लगभग 15-15 लाख रुपये की लागत से इन दोनों चेकडैम का निर्माण कराया गया था। लेकिन निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद आई पहली बारिश ने इन्हें बहा दिया। अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण इतना कमजोर कैसे हो गया?
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर निर्माण कार्य तय मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ किया गया होता, तो चेकडैम पहली बारिश में नहीं टूटते।
ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
गौर करने वाली बात यह है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले कठदहा पंचायत में करीब 15 लाख रुपये की लागत से बना चेकडैम भी निर्माण के महज 15 दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त हो गया था। अब बेलगांव पंचायत में दो और चेकडैम के बह जाने से विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जनता के पैसे की इस कथित बर्बादी के लिए कौन जवाबदेह ठहराया जाता है।

