नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से सरकारी खरीदी में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। माखन नगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में करोड़ों रुपये की सरकारी मूंग में कथित गड़बड़ी मिलने के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है।
जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम और संयुक्त जांच दल ने वेयरहाउस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को जो मिला, उसने सभी को चौंका दिया। बताया जा रहा है कि करीब 21 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 27 हजार क्विंटल मूंग की बोरियों में अनियमितताएं पाई गईं। कुछ बोरियों में मिट्टी और अन्य सामग्री होने की भी बात सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने वेयरहाउस को सील कर दिया है और जांच के लिए नमूने भेज दिए हैं। अब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौर करने वाली बात यह है कि नर्मदापुरम में इस तरह का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। कुछ महीने पहले भी एक वेयरहाउस से करोड़ों रुपये की मूंग गायब होने और उसकी जगह रेत-मिट्टी मिलने का मामला सुर्खियों में रहा था।
इस बार भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी खरीदी और भंडारण व्यवस्था में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई? यदि यह गड़बड़ी है, तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है?
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा है कि शासकीय योजनाओं में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त वैधानिक और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी या फिर जांच की आंच उन लोगों तक भी पहुंचेगी, जो पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।
फिलहाल, नर्मदापुरम का यह मामला प्रदेश में सरकारी खरीदी व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

