धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान! बोले- यह लोकतंत्र की जीत, NTA प्रमुख पर भी उठाए सवाल

ग्वालियर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं सामने आती रही हैं और अब जवाबदेही तय होना जरूरी है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे करीब पौने दो साल तक शिक्षा विभाग से संबंधित संसदीय समिति के अध्यक्ष रहे हैं और इस दौरान उन्हें कई ऐसी जानकारियां मिलीं, जो शिक्षा तंत्र में मौजूद खामियों की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा से जुड़ी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी लंबे समय से बनी हुई है।

कांग्रेस नेता ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के प्रमुख प्रदीप जोशी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदीप जोशी की नियुक्तियों और उनके कार्यकाल को लेकर पहले भी विवाद रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि विभिन्न पदों पर रहते हुए उनके खिलाफ अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं और इस संबंध में जांच भी हुई थी।

उन्होंने कहा कि जब वे संसदीय समिति के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने NTA प्रमुख को बैठक में बुलाकर सवाल किए थे। उनके अनुसार, जब परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर जवाब मांगा गया, तो यह कहा गया कि उनके पास पर्याप्त अधिकार नहीं हैं। दिग्विजय सिंह का कहना है कि यदि ऐसा है, तो फिर जवाबदेही किसकी तय की जाएगी।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। उनका मानना है कि इस पूरे मामले में केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए जरूरी है कि सभी जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भूमिका की जांच की जाए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई हो।

अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाती हैं।

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