भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि शिक्षकों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए उन्हें सत्र के दौरान 10 दिनों का आकस्मिक अवकाश यानी कैजुअल लीव देने का निर्णय लिया है। इस फैसले की जानकारी प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग लगातार अतिथि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रहा है। इसी कड़ी में अब अतिथि शिक्षकों को कार्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 10 दिनों की आकस्मिक छुट्टी का लाभ दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत, अतिथि शिक्षक को कार्यभार ग्रहण करते ही एक दिन की कैजुअल लीव की पात्रता मिलेगी। इसके बाद प्रत्येक 30 दिनों का कार्य पूरा होने पर एक अतिरिक्त अवकाश अर्जित होगा। हालांकि, एक बार में अधिकतम तीन दिनों की ही कैजुअल लीव ली जा सकेगी।
सरकार का कहना है कि यह फैसला अतिथि शिक्षकों के कार्य परिवेश को बेहतर बनाने और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद प्रदेश के अतिथि शिक्षकों में खुशी का माहौल है। माना जा रहा है कि इससे शिक्षकों को व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए राहत मिलेगी और वे पहले से अधिक बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

