उमरिया। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल आज उमरिया जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने उमरार और मछरार नदियों के उद्गम स्थल पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। लेकिन इस दौरान उनकी एक टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी।
जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि प्रदेश में कई बड़े नेताओं के टिकट कटने की चर्चा है, ऐसे में क्या उन्हें भी भविष्य में अपना टिकट कटने का डर है, तो मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बेबाक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हम तो चाहते हैं कि हमें मुक्त कर दिया जाए। इसमें डरने जैसी क्या बात है? हम पद के लिए नहीं जीते हैं।”
प्रहलाद पटेल ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता पद के लिए नहीं, बल्कि संगठन और सेवा के भाव से काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट और पद की चिंता उन्हें नहीं है और वे कभी भी जिम्मेदारी छोड़ने के लिए तैयार हैं।
मंत्री ने विपक्ष पर भी तंज कसते हुए कहा कि ऐसे सवाल कांग्रेस के नेताओं से पूछे जाने चाहिए। उनके मुताबिक, भाजपा की राजनीति सेवा और समर्पण पर आधारित है, न कि पद की लालसा पर।
उमरिया में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने वृक्षारोपण के साथ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
अब मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक सहज प्रतिक्रिया थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है?

