भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए चल रहा हाई-वोल्टेज चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। 28 जुलाई की शाम 5 बजे चुनावी शोर थम जाएगा और इसके साथ ही बाहरी नेताओं को दतिया की सीमा छोड़नी होगी। दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को नतीजे सामने आएंगे।
इस बार दतिया का मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की ओर से घनश्याम सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी दामोदार यादव की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में दोनों प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां पीतांबरा पीठ में दर्शन के बाद भव्य रोड शो किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसई क्षेत्र में जनसभा को संबोधित किया। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया, हेमंत खंडेलवाल, जगदीश देवड़ा, प्रहलाद पटेल और डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी लगातार जनसंपर्क करते नजर आए।
वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पिछले तीन दिनों से दतिया में डेरा जमाया हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह और सचिन यादव ने भी नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की।
भाजपा का दावा है कि दतिया की जनता विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ खड़ी है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है, इसलिए वह पहले से ही बहाने तलाश रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि दतिया की जनता बदलाव चाहती है। कांग्रेस का दावा है कि लोग अराजकता और भय के माहौल से परेशान हैं और इस बार मतदान के जरिए नया संदेश देंगे।
अब चुनाव प्रचार थमने के बाद सबकी नजरें 30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। आखिर दतिया की जनता किसे अपना समर्थन देती है, इसका फैसला कुछ ही दिनों में सामने आ जाएगा।

