भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल और डीजल को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। शहर के करीब 200 पेट्रोल पंप अब प्रशासन की रडार पर हैं और जल्द ही इनकी व्यापक जांच शुरू की जाएगी।
जिला प्रशासन ने इसके लिए 8 एसडीएम और 8 तहसीलदारों के नेतृत्व में विशेष जांच टीमें गठित की हैं। ये टीमें पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर घटतौली, ईंधन में मिलावट, उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेंगी।
जांच के दौरान हवा भरने वाली मशीनों की स्थिति, तेल कंपनियों द्वारा तय सीमा के बाद की अतिरिक्त बिक्री और अन्य तकनीकी पहलुओं को भी परखा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी या धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सख्त निगरानी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि जांच अभियान के तहत शहर के लगभग 200 पेट्रोल पंपों को शामिल किया गया है। सभी जांच टीमों को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर गड़बड़ी, मिलावट या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि इस जांच में कितने पेट्रोल पंप नियमों पर खरे उतरते हैं और कितनों पर कार्रवाई की गाज गिरती है।

