जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के चर्चित आर के डायग्नोस्टिक सेंटर से जुड़े डॉक्टर और एक नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सेंटर में मोटी रकम लेकर गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग बताया जाता है। आरोप है कि यहां आने वाले लोगों को यह जानकारी दी जाती थी कि गर्भ में लड़का है या लड़की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आर के डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले। टीम ने मौके से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, सोनोग्राफी से संबंधित रिकॉर्ड और कई रिपोर्ट्स जब्त कर उन्हें सील कर अपने कब्जे में ले लिया।
इस मामले में पुलिस ने डॉ. सतीश अग्रवाल और नर्स सुनीता उर्फ डॉली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। वहीं, प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया है। इतना ही नहीं, कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अधारताल स्थित एक अन्य सेंटर पर भी ताला जड़ दिया गया है।
पुलिस अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि अवैध लिंग परीक्षण जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
गौरतलब है कि यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन गरिमा’ के तहत की गई है। इससे पहले भी प्रशासन ने इसी अभियान के तहत कई डायग्नोस्टिक और स्पा सेंटरों पर छापेमारी कर कार्रवाई की है। फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

